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Dr.Jaiswal was born on 22 May, 1961. After completing his Bachelors degree in Pharmacy Science, he studied Social Science from Guru Ghasidas University from 1985 to 1987. He also earned an honours degree in Ayurved Ratna. By seeing pitiable and measurable condition of coal workers, he joined the Indian Trade Union movement in 1982 and thereafter represented workers of India at various National and International Forums. He was active member of Chhatisgarh Labour Advisory Council from 2002-2005. He represented Indian workers on the Standing Committee of Labour, Government of India and Indian Labour Conference since 2003, which is called the Labour Parliament of India. He also represented country in the 103rd session of International Labour Conference in Geneva, Switzerland organised by International Labour Organisation, an agency of United Nations Organisation
डॉ. जायसवाल का जन्म 22 मई 1961 में हुआ था। फार्मेसी में स्नातक करने के पश्चात् उन्होंने गुरू घासीदास विश्वविद्यालय से वर्ष 1985 से 1987 तक सामाजिक विज्ञात की पढाई की। उन्होंने आयुर्वेद रत्न की डिग्री भी हासिल की। कोयला खानों में कार्य करने वाले श्रमिकों की दयनीय स्थिती को देखते हुए, वर्ष 1982 में ये इंडियन ट्रेड यूनीयन/श्रमिक आंदोलन से जुडे तथा उसके बाद विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर श्रमिकों का प्रतिनिधित्व किया। वे 2002 से 2005 तक छत्तीसगढ़ लेबर एडवाईजरी काऊंसिल के सक्रिय सदस्य रहे। इन्होंने भारतीय श्रमिकों का प्रतिनिधित्व, भारत सरकार की स्थाई समिति तथा भारतीय श्रमिक सम्मेलन में 2003 से किया है जिसे भारतीय श्रमिक संसद भी कहते हैं। इन्होंने अंतराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आई.एल.ओ.) जो संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसी है के द्वारा आयोजित, 103वां अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक सम्मेलन, जिनेवा, स्विट्जरलैण्ड में देश का प्रतिनिधित्व किया।
A trade unionist with past 51 years experience in Trade Union Movement. After joining Dandaranya Bolangir Kiriburu Project, in 1964 at age of 19 years, formed union in 1965 to protect 22 material chasers from losing their job. The union ensured absorption of all 2000 employees of the project into Indian Railways. Similarly he formed Konkan Railway Corporation Employees Union during project days. In 1974 railway strike he was arrested under MISA. He was the youngest member of Joint Consultant Machinery
एक श्रमिक संघवादी जिन्हें श्रमिक आंदोलन का 51 वर्ष का अनुभव है। 19 वर्ष की आयु में वर्ष 1964 में इन्होंने दनदारन्या बोलांगीर किरीबुरू परियोजना में शामिल होकर 22 मजदूरों की सेवाऐं/नौकरी बचाने के लिए 1965 में संगठन तैयार किया। संगठन ने सभी 2000 श्रमिकों की सेवाऐं भारतीय रेल्वे में समाहित किया जाना सुनिश्चित किया। इसी तरह परियोजना के दौरान ही हन्होंने कोंकन रेलवे कॉर्पोरेशन कर्मचारी संगठन की स्थापना की। 1974 की रेलवे स्ट्राईक के समय इन्हें मीशा के तहत गिरफ्तार किया गया। वे संयुक्त सलाहकार समिति के सबसे जवान (छोटे) सदस्य थे।
Virat Jaiswal is the General Secretary of NFITU. Completed his business studies from De Montfort University, UK campus Daily College, Business School, Indore. MBA in Marketing & HR from Pune University and completed LLB from Bilaspur University, Chhatisgarh. Presently he is also holding the charge of Deputy Registrar at LNCT University, Bhopal, Madhya Pradesh.
श्री विराट जायसवाल संगठन के महासचिव हैं। डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटीए यूण्केण्ए कैम्पस डेली कॉलेजए बिजनेस स्कूलए इन्दौर से इन्होंने अपनी व्यवसायिक पढ़ाई पूर्ण की। एम.बी.ए. मार्केटिंग एण्ड एच.आर. पूणे विश्वविद्यालय से किया तथा बिलासपुर विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. पूर्ण की है। वर्तमान में एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालयए भोपाल मध्यप्रदेश में उप कुलसचिव का पदभार भी सम्भाल रहे हैं।
A social worker, working in the field of education & health, since last 40 years. Shri. Chouksey is a pioneer to start the very first engineering college in State of Madhya Pradesh. Presently Shri Couksey is a Honorable Chancellor of LNCT University Bhopal, M.P. Apart from education, Shri. Chouksey is providing free Health Care Facility by his 750 bedded Multi Specialty Hospital run by HK Kalchuri Education Trust located at Bhopal. Being Chairman of NFITU Shri Chouksey wants to provide Health and Education Services to the workers and his family at large.
एक समाजसेवी जो विगत 40 वर्षों से शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। श्री चौकसे मध्यप्रदेश राज्य में प्रथम इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना में अग्रणी रहे हैं। श्री चौकसे एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय, भोपाल (म.प्र.) के कुलाधिपति हैं। शिक्षा के अलावा श्री चौकसे 750 बिस्तरीय मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाऐं भी उपलब्ध करा रहे हैं जो एच.के.कल्चुरी एजुकेशन ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित है। एन.एफ.आई.टी.यू. के अध्यक्ष के रूप में वे वृहद स्तर पर श्रमिकों तथा उनके परिवार को शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना चाहते हैं।