National Front of Indian Trade Union (NFITU)

National Front of Indian Trade Unions (DHN) is an apex body founded in the year 1969 with a view to provide representation to working people, contribution in policy making and accreditation and affiliation of Trade Union organizations at National forum. It was recognized as a Central Trade Union Organization (CTUO) by Government of India/Bharat Sarkar, Ministry of Labour & Employment vide their Order No. L-52025/20/2003-IR (Imp-I), New Delhi on 11th January, 2008. The organization has shown its strength by having membership of more than 1 Crore spread over in 20 states and 51 Industries including agriculture and rural sectors. It represents in International and National Conferences, Committees, Councils, etc. as a recognized CTUOs. NFITU has signed an agreement of Decent Work Country Programme 2018-22 with International Labour organization (ILO) for “Creating a more decent future of work through better quality of jobs, transition to formal employment and environment sustainability” is the overarching development objective of DWCP (2018-22).
  • 1. Promote, adopt and implement international labour standards for protection of workers from unacceptable forms of work
  • 2. Create sustainable, inclusive and decent employment for women and the youth, especially vulnerable to socio-economic and environmental exclusion and in informal economy.
  • 3. Tripartite mechanisms work better for protecting rights of workers through promoting labour administration, occupational safety and health (OSH) and social protection

  • Union gave affiliation to "Hind Mazdoor Kisan Panchayat" (HMKP), one of the prominent National union founded by Late George Fernandes, Ex. Minister and Trade Unionist. The combined strength of NFITU and HMKP has increased to 1.5 Crore spread over 24 states and 51 industries all over India. Union represents the workers engaged in various industries like - Agriculture and Rural workers, Coal Mining, Building and Construction, Education Institution, Hospital & Dispensaries, Forest workers, Iron & Steel, Petroleum & Natural Gas, Chemical, Drug & Pharmaceuticals, Railways, Roadways, Hotel & Restaurants, Domestic, Shop Vendors, Clothing & Garments, Textile, Tobacco, Hawkers, Electricity & Power, Engineering, Financial, Fishing & Fisheries, Food & Beverages, Soap & Detergent, Cement, Sugar, Gems & Jewelry, Glass & Potteries, Metal, Paper and Paper products, Personnel & Security services, Dock workers, Printing & Publishing, Scheme workers, Daily wages worker, Anganwadi workers, Self employed and Professionals and various other industrial and agriculture workers. Further, NFITU/HMKP has joined and became a part of the Non-Political Central Trade Union Organization's Alliance which is an alliance of like-minded National Organizations known as Confederation of Central Trade Union "CONCENT" formed on 10th December, 2018. Representatives from BMS, NFITU, TUCC, HMKP and NLO united on the platform of "CONCENT" with determination to bring solution to the issues related to All Indian Workers. Shri. C.K. Saji Narayanan, National President of BMS is the Chairman of the Confederation and Dr.Deepak Jaiswal, National President of NFITU became the National Convener of the Alliance core group. A National Conclave of Workers is organized by Confederation on 31st December, 2018 at New Delhi in which a Charter of Demand was adopted and submitted to Group of Ministers for it's recognition and redressal from Government of India.
    नेशनल फ्रँट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनीयन (डीएचएन) एक शीर्ष संगठन है जिसकी स्थापना वर्ष 1969 में कामकाजी (श्रमिकों/कर्मचारियों/किसानों आदि) को प्रतिनिधित्व प्रदान करने, नीति निर्धारण में योगदान और राष्ट्रीय मँच पर ट्रेड यूनीयन संगठनों की मान्यता और संबद्धता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के आदेश क्रमांक L-52025/20/2003-IR (Imp), दिनांक 11 जनवरी 2008 के द्वारा संगठन को केन्द्रीय श्रमिक संगठन (CTUo) के रूप में मान्यता प्रदान की गई। देश के 20 राज्यों में 1 crore से अधिक की सदस्यता तथा 51 उद्योगों (कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों सहित) में अपनी उपस्थिति दर्शाते हुए संगठन ने अपनी जमीनी ताकत दिखाई है। यह एक मान्यता प्राप्त CTUo संगठन के रूप में अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मेलनों, समितियों, परिषदों आदि में प्रतिनिधित्व करता है। NFITU ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के साथ "गुणवत्तापूर्ण जॉब्स हेतु कार्य को अधिक सभ्य बनाने, औपचारिक रोजगार और पर्यावरण स्थिरता में परिवर्तन" के लिए डिसेंट वर्क कंट्री प्रोग्राम 2018-22 के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जो DWCP के विकास का उद्देश्य है।
  • 1. काम के अस्वीकार्य रूपों से श्रमिकों की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानकों को बढ़ावा देना, अपनाना और लागू करना
  • 2. महिलाओं और युवाओं के लिए स्थायी, समावेशी और सभ्य रोजगार सृजित करना, विशेष रूप से सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय बहिष्कार और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में पिछड़ों के लिए
  • 3. श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए श्रम प्रशासन, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य (OSH) तथा सामाजिक संरक्षण को बढ़ावा देकर त्रिपक्षीय तंत्र को बेहतर बनाना

  • श्री जॉर्ज फर्नाडीज पूर्व मंत्री तथा ट्रेड यूनीयनिस्ट द्वारा स्थापित प्रमुख राष्ट्रीय ''हिन्द मजदूर किसान पंचायत''(HMKP) को सम्बद्धता प्रदान कर संघ की संयुक्त ताकत का प्रसार देश के 24 राज्यों तथा 51 उद्योगों में फैलकर 1.5 करोड़ सदस्यता तक हो गई है। विभिन्न उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिकों का NFITU संगठन प्रतिनिधित्व करता है जैसे-कृषि एवं ग्रामीण श्रमिक, कोयला खदान, भवन एवं निर्माण, शिक्षण संस्थान, अस्पताल एवं डिस्पेंसरी, वानीकी कर्मी, लोहा तथा स्टील कारखाना, पैट्रोलियम एवं प्रकृतिक गैस उत्पादन, ड्रग एवं फार्मासिटिकल-दवाऐं, रेलवे, रोडवे, होटल तथा रेस्टोरेंट, घरेलू कामकाजी, दुकाने, कपडा उद्योग, तम्बाकू, हॉकर्स, विद्युत एवं ऊर्जा, इंजीनियरिंग, वित्तीय संस्थान, मछली पालन, खाद्य, साबुन, सीमेंट, शक्कर कारखाने, सोना तथा जवाहरात व्यापारी, कांच, धातू, कागज तथा कागज उत्पाद, घरेलू एवं रक्षा सेवाऐं, बंदरगाह कर्मी, प्रिंटिंग तथा प्रकाशन, स्कीम कर्मी, दैनिक वेतनभोगी कर्मी, आंगनवाडी कार्यकर्ता, स्व-नियोजित तथा पेशेवर इत्यादि उद्योग कर्मी। इसके अतिरिक्त दिनांक 10 दिसम्बर 2018 को गठित एक गैर-राजनैतिक केन्द्रीय श्रमिक संघों का समूह Confederation of Central Trade Union Organization (CONCENT) नाम से गठन हुआ जिसमें NFITU एवं HMKP शामिल होकर इसका हिस्सा बन गये हैं। यह एक समान विचारधारा वाले राष्ट्रीय संगठनों का एक महागठबंधन है। BMS, NFITU, TUCC, HMKP तथा NLO के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर देश के श्रमिक वर्ग की समस्याओं के निवारण का संकल्प लिया। BMS के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.के. सजी नारायणन महासंघ के अध्यक्ष हैं तथा NFITU के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक जायसवाल को इसके संयोजक का दायित्व सौंपा गया है। श्रमिकों का एक महासम्मेलन दिनांक 31 दिसम्बर 2018 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया जिसमें एक माँग-पत्र तैयार कर मंत्रियों के समूह के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपकर देश के श्रमिक वर्ग की समस्याओं के निवारण हेतु भारत सरकार से मांग की गई है।